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बजट देश के लिए होना चाहिए, चुनाव के लिए नहीं- शिवसेना

बजट देश के लिए होना चाहिए, चुनाव के लिए नहीं- शिवसेना 1

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश किए गए साल 2021-22 के आम बजट को प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दलों ने महाराष्ट्र के लिए अन्याय करार दिया है।

भास्कर डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बजट देश के लिए होना चाहिए, चुनाव के लिए नहीं।

उन्होंने कहा कि वे थोड़े समय बाद बजट के बारे में व्यवस्थित तरीके से बोलेंगे।

मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया था कि क्या बजट में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल, केरल और दक्षिण के राज्यों के लिए बड़े आर्थिक प्रावधान किए गए हैं? इसके जवाब में मुख्यमंत्री यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। भाजपा ने बजट की खूबियां गिनाई हैं।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा कि बजट में महाराष्ट्र के साथ अन्याय हुआ है। सोमवार को उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश की तिजोरी में सबसे अधिक राजस्व देने वाले महाराष्ट्र पर बजट में इस बार अन्याय हुआ है।

महाराष्ट्र पर हुए अन्याय को दूर करने के लिए प्रदेश के सर्वदलीय सांसद केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से मुलाकात करें। राज्य की जनता के न्याय व अधिकारी हासिल करने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि बजट मंजूर होने के लिए महाराष्ट्र के सर्वदलीय सांसद आवश्यक संशोधन का सुझाव देकर इसे ठीक करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्धा- यवतमाल-नांदेड़ रेलवे मार्ग, नाशिक-पुणे, कराड-चिपलुण रेलवे मार्ग के लिए बजट में प्रावधान कही नजर नहीं आ रहा है।

बजट में मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के लिए कुछ भी पर्याप्त प्रावधान नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर के लिए 64 हजार रुपए का प्रावधान स्वागत योग्य है। यह प्रावधान बजट के पन्ने से प्रत्यक्ष साकार होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का बजट चुनावी घोषणा पत्र है। यह सरकारी संपत्ति को बेचने का संकल्प पत्र है।

बजट से किसान, मजदूर, युवक, नौकरी पेशा और मध्यमवर्ग के लोगों को भी घोर निराशा हुई है।

थोरात ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई को बजट से कुछ नहीं मिला है।

देश के विकास में सबसे अधिक योगदान और टैक्स देने वाले महाराष्ट्र से बदले की भावना की भूमिका फिर एक बार नजर आई है।

शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि बजट से महाराष्ट्र के हिस्से सबसे अधिक निराशा हाथ लगी है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश का पेट भरता है, लेकिन उसी के पेट की ओर कोई नहीं देखता। राऊत ने कहा कि मैंने बजट में महाराष्ट्र को खोजने का प्रयास किया, लेकिन मुझे महाराष्ट्र कहीं नजर नहीं आया।

राऊत ने कहा कि बजट में नागपुर और नाशिक मेट्रों के लिए निधि का प्रावधान किया गया है।

मेट्रो के लिए निधि देकर सरकार ने बहुत बड़ी मेहरबानी की है क्या? नागपुर में मेट्रो की शुरुआत हो रही है, लेकिन नाशिक में मेट्रो की क्या जरूरत है यह देखना पड़ेगा।

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