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#Maharashtra : राज्य में जीवनावश्यक वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं सरकार द्वारा बढ़ी हुई कीमतों पर वस्तुओं की बिक्री करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की चेतावनी

मुंबई, 5: राज्य में जीवनावश्यक वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है। एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा राज्य सरकार ने जनता को आश्वासन दिया है कि सरकार किराना दुकानों को माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भरसक उपाय कर रही है फिर भी माल की कमी के नाम पर बढ़ी हुई कीमत पर सामान बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी है।

जीवनावश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति के बारे में सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों का विवरण राज्य सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में विस्तृत रूप में दिया गया है।

राज्य में लॉकडाउन के बाद अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन, मजदूरों – श्रमिकों के प्रवास आदि के चलते खुदरा बिक्री और किराने की दुकानों के संदर्भ में पैदा हुई परिस्थिति में पिछले छह – सात दिनों में स्थिति में सुधार हुआ है।

चावल, गेहूं, गेहूं का आटा, अनाज, विशेष रूप से तूर और चना दाल, खाद्य तेल, प्याज, आलू, चीनी, नमक, मसाले जैसी जीवनावश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है , सरकार ने यह आश्वासन दिया है।

भारतीय खाद्य निगम अथवा केंद्र के गोदामों में अनाज की कोई कमी नहीं है। एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त भंडार होने के चलते तेल कंपनियों से नियमित आपूर्ति हो रही है। पत्र में कहा गया है कि आपूर्ति कर्मचारियों की कमी के बावजूद, गैस सिलेंडर ग्राहकों तक पहुंचाने के प्रयास में तेजी लायी जा रही है।

दूध की कमी कहीं भी नहीं है। इसके विपरीत दून की बिक्री दूध की आपूर्ति क्षमता से कम दिखाई दे रही है। कृषि उत्पन्न बाज़ार समिति और अन्य बाज़ार समितियों में फलों और सब्जियों की आवक में वृद्धि हुई है और किसानों के पास से प्रत्यक्ष खरीदी बढ़ी है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में हाउसिंग सोसाइटियों के माध्यम से सब्जियां बेची जा रही हैं । सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों में इस व्यवस्था को और बढ़ाया जाएगा।

कुछ खुदरा दुकानों में मालूम की कमी दिखाई दे सकती है लेकिन यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इन दुकानों की क्षमता मूल रूप से कम है। इसके अलावा लॉकडाउन के बाद, ग्राहकों की भारी मांग के कारण इन दुकानों में भीड़-भाड़ शुरू हो गई और माल खत्म होने लगा। यह क्षेत्र राज्य के भीतर के परिवहन और पैकेजिंग उद्योग पर बहुत निर्भर है। उपलब्ध मजदूरों की कमी और पैकेजिंग के लिए कच्चे माल की कमी के चलते आपूर्ति श्रृंखला पर कुछ असर पड़ा है, विशेष रूप से मुंबई जैसे बड़े शहर में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकारी तंत्र प्रमुख व्यवसायियों के साथ निरंतर संपर्क में है।

असंगठित क्षेत्र की किराने की दुकानें आपूर्ति श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि ये दुकानें खुली हों। अधिकांश किराना दुकानें खुली हैं और उनके पास आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होने लगी है। डिटर्जेंट और साबुन की आपूर्ति के बारे में राज्य में कोई बड़ी कमी नहीं है। सरकारी तंत्र इस क्षेत्र से संबंधित सभी संगठनों के संपर्क में है और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। दवाइयाँ, शिशु आहार, इंसुलिन आदि की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। दवा विक्रेता संघ संबंधित सरकारी विभाग के लगातार संपर्क में है। यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जा रहा है कि दवा की दूकानों के लिए आपूर्ति सुगमता से हो, साथ ही दवा क्षेत्र के सभी घटक अपने माल का उत्पादन नियमित करते रहें। कारखानों को आवश्यक वस्तुओं और दवाओं के निर्माण के लिए लॉकडाउन से छूट दी गई थी, ये कारखाने शुरू हैं, इस दिशा में सभी कदम उठाये गये हैं।

इस तथ्य को अधोरेखित करते हुए कि राज्य में आवश्यक खाद्य पदार्थों और दवाओं की कोई कमी नहीं है, प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिले के कुछ हिस्सों या शहर के कुछ भागों में सामानों के बारे में स्थानीय स्तर पर कुछ समस्या हो सकती है, लेकिन राज्य में सामान्य आपूर्ति श्रृंखला संतोषजनक रूप से काम कर रही है।

नागरिकों को घबराने और वस्तुओं का संग्रह करने का कोई कारण नहीं है। सरकार ने ईस पत्रक में स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि मिल की कमी के नाम पर कीमतें नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति पर राज्य सरकार द्वारा नियुक्त सचिवों का एक समूह निरंतर नजर रख रहा है।

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