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दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12700 हुई!

दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12700 हुई!

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब तक 170 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 12700 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

 

दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं। जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है।

 

इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।

 

भारत में कोरोना से संक्रमण के मामलों की संख्या है। इनमें 2144भारतीय और 39 विदेशी नागरिक हैं। कोरोना ने अब तक 170 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। केरल में 26 लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि, इनमें से 3 लोगों का इलाज हो चुका है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस पर सार्क देशों के प्रमुखों से चर्चा की।

 

इस चर्चा में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोली, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्ष, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भूटान के प्रधानमंत्री और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली शामिल हुए।

 

पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री इस चर्चा में शामिल हुए। सभी प्रमुखों ने मिलकर कोरोना का मुकाबले करने पर सहमति जताई। इटली में 27,980 लोग जानलेवा वायरस कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सात आसान स्टेप्स बताए हैं, जिनकी मदद से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है और खुद भी इसके इंफेक्शन से बचा जा सकता है।

 

भारत सरकार ने भी कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना देने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम तैयार किया गया है।

 

फोन नंबर 011-23978046 के माध्यम से कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ncov2019@gmail.com पर मेलकर के भी कोरोना वायरस के लक्षणों या किसी भी तरह की आशंकाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

 

चीन में इस वायरस का बहुत ज्यादा असर पड़ा है. सबसे ज्यादा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

 

पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है।  लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था। साल 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

 

साभार- एम डॉट इकोनॉमिक टाइम्स डॉट कॉम

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